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74 प्रतिशत लोगों ने दी कोरोना को मात:  वायरस की प्रवृत्ति में आ रहा है बदलाव. डा.आर्य  
June 4, 2020 • Vikas Deep Tyagi • मेरठ

यूरेशिया संवाददाता
मेरठ।  जिले में कोरोना संक्रमण से प्रभावित लोगों के स्वस्थ होने की दर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों की सफलता को बयां कर रही है। इस लड़ाई में बीमारी से ठीक होने वालों का प्रतिशत करीब 74 प्रतिशत है। ठीक होने वालों में 45 प्रतिशत वह मरीज हैं, जो  या तो बुजर्ग हैं अथवा कई गंभीर रोग जैसे दिल, शुगर, उच्च रक्तचाप व सांस के मरीज हैं। 82 साल की एक महिला भी इसमें शामिल है।
मेडिकल  कालेज के कोविड.19 वार्ड के नोडल अधिकारी डा. तुंगवीर सिंह आर्य का कहना है कि इस सब के लिए चिकित्सकों की मेहनत तो है ही साथ कोरोना वायरस की स्ट्रेन चेंज प्रवृत्ति में बदलाव भी है। उनका कहना है कि कोरोना के व्यवहार में बदलाव नजर आ रहा है। तेज धूप के सम्पर्क में आने से वायरस की ताकत में कमी आयी है। जिले में अब 435 लोग कोरोना संक्रमण से प्रभावित हुए हैं, इनमें 324 लोग इलाज के बाद ठीक होकर घर पहुंच चुके हैं। खुशी की बात यह कि ठीक हुए लोगों में करीब 147 लोग ऐसे हैं, जो बुजर्ग हैं या विभिन्न गंभीर बीमारियों दिल, शुगर, उच्च रक्तचाप व श्वांस के मरीज रहे हैं। इस तरह देखा जाए तो 74 प्रतिशत लोगों ने कोरोना को मात दी है। इसमें 45 प्रतिशत ऐसे हैं, जो कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों से भी ग्रसित थे। वर्तमान में 111 लोगों का इलाज चल रहा उनके ठीक होने की दर भी अच्छी नजर आ रही है।

डा. तुंगवीर सिंह आर्य ने बताया मेडिकल कालेज, मुलायम सिंह यादव अस्पताल, पांचली खुर्द एल .1 अस्पताल में भर्ती दो दर्जन से अधिक शुगर, दिल के मरीज, बीपी व सांस के मरीज ठीक होकर अपने घरों को जा चुके हैं। इसमें अधिकतर 50 साल से ज्यादा उम्र के हैं। उन्होंने कहा शुरुआत में सांस, शुगर, व हार्ट के मरीजों की ठीक होने की दर कम थी। मई माह के दूसरे पखवाड़े के बाद कोरोना वार्ड में भर्ती मरीज भी कोरोना को मात दे रहे हैं। रजबन की 82 साल की बुर्जग महिलाए 65 साल के हार्ट व शुगर के मरीज, इंसुलिन पर चलने वाली 60 साल से ज्यादा उम्र की दो महिलाएं और बड़ी संख्या में ऐसे मरीज ठीक हुए हैं जो लंबे समय से कई बीमारी से पीडि़त हैं।
 कोविड वार्ड के डा. सुधीर राठी ने बताया कोविड वार्ड में काफी संख्या में ऐसे मरीजों ने कोरोना को मात दी, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम थी। इलाज के दौरान उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर फोकस किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राजकुमार ने कहा कोरोना को लेकर कई तथ्य सामने आ रहे हैं। अब बिना लक्षण वाले मरीज कहीं भी मिल रहे हैं। कोरोना लक्षण वाले मरीजों में भी कई बदलाव देखे जा रहे हैं। ऐसे में वायरस के स्ट्रेन पर गहन शोध जरूरी है। मेरठ में जहां मौत की दर ज्यादा रही, वहीं बुजुर्ग और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों के ठीक होने के कई मामले भी सामने आये हैं। 82 साल की बुजुर्ग महिला का ठीक होना इसका बड़ा उदाहरण है। सीएमओ ने कहा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा कर कोरोना से मुकाबला किया जा सकता है।