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भारतीय जांबाज सैनिकों की शहादत का लेंगे बदला: डॉ. कौशिक
June 17, 2020 • विकास दीप त्यागी • बागपत/ बड़ौत

विश्व बंधु शास्त्री

बड़ौत। लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा एलएसी पर कलवां घाटी में हुई हिंसक झड़प में हुई भारतीय जांबाज सैनिकों की शहादत पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व जिला उपाध्यक्ष डॉ. नीरज कौशिक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहां की करीब छह दशक के बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा एलएसी पर भारत और चीन के बीच खूनी झड़प में हमें अपने एक कर्नल सहित 20 जांबाज सैनिकों को शहादत देनी पड़ी, नए सिरे से दोनों देशों के बीच चरम पर पहुंची तनातनी के बीच इस तरह की वारदात बताती है कि ऐसी घटना लद्दाख के इतर दुसरी जगह पर भी हो सकती है। भारत की योजना एलएसी तक चीन की तर्ज पर ही युद्ध गति से निर्माण कार्य करने की है जाहिर है कि ऐसा करने से एलएसी पर भारत चीन को बराबरी के स्तर की टक्कर दे सकेगा। 
डॉ. नीरज कौशिक ने कहा की भारतीय सैनिकों की शहादत ने एक बार फिर अपनी शौर्य गाथाओं को जीवंत कर दिया है लेकिन चीनी सैनिकों के साथ संघर्ष में भारत के जांबाजों की शहादत चिंता पैदा करती है कि 45 सालों के बाद आखिर ऐसा क्या हो रहा है भारत-चीन सीमा पर कि भारतीय जांबाजों की शहादत देश को देखनी पड रही है। भारत सरकार को देश को विश्वास दिलाना चाहिए कि भारत की सीमा अभेद्य है, सुरक्षित है। दुश्मन चाहे कोई भी हो, भारतीय जांबाजों की शहादत का बदला पूरा लिया जाएगा और उसको मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। 
डॉ. कौशिक में कहां की भारत सरकार को इस विषय पर सभी विपक्षी दलों को बुला कर वार्ता करनी चाहिए क्योंकि यह देश की संप्रभुता से जुड़ा विषय है, देश के हितों को सुरक्षित रखने के लिए हम सभी एक है, सभी राजनीतिक दलों को एक साथ बैठकर इस गम्भीर विषय पर वार्ता कर प्रभावी रणनीति बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। तनाव की स्थिति में लंबे समय तक सेना को आमने सामने रखने से ऐसी घटनाएं हो जाती हैं। मेरा मानना है कि भारत को बिना कोई देर किए राजनीतिक हस्तक्षेप करना चाहिए। क्योंकि आने वाले समय में एलएसी पर तनाव चरम पर होने की पूरी-पूरी संभावना है।