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दिल्ली हिंसा के आरोपियों और उनके परिवारों की मदद के लिए लिसाड़ीगेट में लगा कैंप  
March 13, 2020 • Vikas Deep Tyagi • मेरठ

यूरेशिया संवाददाता

मेरठ। दिल्ली की हिंसा में नामजद आरोपियों और उनके परिवारों की मदद के लिए मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र में एक धार्मिक स्थल पर कैंप लगाया गया। लोगों से राहत सामग्री देने की अपील की गई। इसकी जानकारी पर मौके पर पहुंची लिसाड़ी गेट थाना पुलिस ने लाठी फटकारकर लोगों को खदेड़ा। पुलिस का कहना कि पूर्व पार्षद मेरठ में लोगों को भड़काना चाहता है। दिल्ली में हिंसा की आड़ में लोगों को उकसाने और एकजुट करने के लिए यह कैंप लगाया गया था। पुलिस अब पूर्व पार्षद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है।

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में दिल्ली में हुई हिंसा में कई लोगों की मौत हुई थी। दिल्ली की हिंसा की आंच को मेरठ तक पहुंचाने की गहरी साजिश चल रही है। पुलिस के अनुसार एक पूर्व पार्षद ने लिसाड़ी गेट में कैंप लगाया था। पोस्टर पर लिखवाया गया था कि दिल्ली की हिंसा में पीडि़त परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए सामग्री एकत्र होनी है। जिसकी जितनी श्रद्धा है, वह कैंप में आकर दे जाए। यह कैंप लिसाड़ी गेट में एक धार्मिक स्थल पर लगाया गया। इस कैंप की आड़ में लोगों की भीड़ लग रही थी और सीएए के विरोध में हो रहे विवाद को तूल देने का प्रयास किया जा रहा था।
वहीं, खुफिया विभाग का इनपुट है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में वेस्ट यूपी में गहरी साजिश चल रही है। लिसाड़ी गेट में कैंप लगने की सूचना पर पुलिस पहुंची। मौके पर पुलिस और कैंप लगाने वालों में तीखी झड़प हुई। कैंप लगाने वालों ने पूछा कि कैंप से पुलिस को क्या परेशानी है।
पुलिस ने कहा कि दिल्ली की हिंसा के आरोपियों और उनके परिजनों की मदद के लिये यह कैंप लगाया गया। पुलिस ने लाठी फटकारकर वहां से कैंप हटवा दिया। पुलिस का कहना है कि कैंप लगवाने वाला पूर्व पार्षद एक सामाजिक संस्था से जुड़ा हुआ है। वह लोगों को भड़काने के मामले में एक बार जेल जा चुका है।
 लिसाड़ी गेट क्षेत्र में 20 दिसंबर 2019 को सीएए के विरोध में हुई हिंसा में छह लोगों की मौत हुई थी। इसके बावजूद भी मेरठ में कैंप लगाकर लोगों को जोडऩे की तैयारी चल रही है।
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला का कहना है कि लिसाड़ी गेट में कैंप लगने की जानकारी लगने पर उसे तुरंत हटवाया गया था। दिल्ली हिंसा में आरोपियों की मदद में कैंप लगवाने में एक पूर्व पार्षद का नाम सामने आया है। जिसकी जांच पड़ताल के बाद केस दर्ज किया जाएगा।