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दिल्ली से हिरासत में लिए चंद्रशेखर को पुलिस ने उनके आवास छोड़ा
September 30, 2020 • URESHIYA News • सहारनपुर मण्डल
  • बिटिया को न्याय नहीं मिला तो मुख्यमंत्री को करेंगे चूडियां भेंट
    नोटिस मिलने से खफा चंद्रशेखर बोले अब दलितों के आने जाने पर भी पाबंदी

छुटमलपुर स्थित अपने आवास पर समर्थकों सहित बैठे आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर

प्रमोद शर्मा/युरेशिया

छुटमलपुर। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से हिरासत में लेने के बाद आरआरएफ की टुकडी देर शाम उन्हें उनके आवास लेकर पहुंची तो समर्थकों का हजुम उमड़ पड़ा। इस पर थाना पुलिस ने उन्हें धारा 144 के उल्लंघन का नोटिस थमा दिया। इस पर चंदेशेखर आजाद ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दलितों पर जुल्म की इंतिहा हो गई है और अब इसे बरदाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री या तो कुर्सी छोड़े या फिर बिटिया को न्याय दिलाने का काम करें। वे जल्द ही मुख्यमंत्री को चूडियां भिजवाने का काम करेंगे।
उल्लेखनीय है कि असपा प्रमुख मंगलवार की शाम दिल्ली में दुष्कर्म पीड़िता से मिलने सफदरजंग अस्पताल पहुंचे थे। जहां उनकी पुलिस से झड़प भी हुई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु ‌बाल्मीकि के साथ हिरासत में ले लिया था। आरोप है कि पुलिस रात पर उन्हें प्रदेश के एक शहर से दूसरे शहर घूमाती रही। इस बीच ‌बिटिया का अंतिम संस्कार हुआ तो आरआरएफ की टुकडी उन्हें लेकर हरिजन कालोनी स्थित उनके आवास छोड़ने पहुंच गई। चंद्रशेखर के यहां पहुंचने की खबर लगते ही उनके आवास पर समर्थकों का तांता लग गया। एसओ मनोज चौधरी भी भारी पुलिस बल के साथ उनके आवास पहुंचे। जहां उन्होंने भीड़ जुटाने को लेकर धारा 144 के उल्लंघन का हवाला देते हुए चंद्रशेखर को नोटिस थमा दिया हालांकि इस पर शेखर ने नोटिस के उत्तर में अपने अधिवक्ता को हाईकोर्ट में रिट दाखिल करने को कहा।
इसके बाद अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि प्रदेश सरकार उन्हे घर में बंद करना चाहती है लेकिन वे भीम आर्मी के माध्यम से पूरे देश में आंदोलन करने की ताकत रखते हैं। हर गली और नुक्कड़ से चंद्रशेखर आजाद निकलेगा और सरकार कितनों को गिरफ्तार करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार महिलाओं,  दलितों, बच्चों पर हो रहे अत्याचारों को रोकने में विफल साबित हो रही है। ऐसे में न्याय दिलाने में विफल रहने पर मुख्यमंत्री खुद ही कुर्सी छोड़ दें। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री को चूडिया भिजवाने का काम करेंगे। हालांकि इस दौरान उनके आवास पर उनके हाथरस कूच को लेकर काफी गहमागहमी का माहौल रहा। पुलिस उनके पल पल के मुवमेंट पर नजर रखने के लिए मौके पर डटी थी। वे समर्थकों के साथ देर रात तक रणनीति बनाने में जुटे रहे। इस दौरान उनके विधिक सलाहकार संदीप कांबोज, सतीश रावत, फिरोज खान, जिला अध्यक्ष अनिल ओजस्वी, विधान सभा क्षेत्र अध्यक्ष बेहट विनोद पेगवाल, प्रवीण गोतम, सुखविंद्र सिंह, दानिश अहमद, अजय कुमार आदि रहे।