ALL मेरठ सहारनपुर मण्डल मुजफ्फरनगर बागपत/ बड़ौत उत्तर प्रदेश मुरादाबाद मंडल राष्ट्रीय राजनीतिक विविध करियर
दो महिने बाद रिटायरमेंट फिर कोरोना से जंग लड रहे डा गोपाल
May 2, 2020 • Vikas Deep Tyagi • मेरठ

  •  स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उन पर कर  रहे नाज कि ऐसा  यौद्घा मिला

यूरेशिया संवाददाता

 मेरठ । पचास साल की उम्र में आने के बाद लोगों को तमाम बीमारियां घेर लेती है। आये दिन वह अपने का स्वस्थ्य रखने के लिये चिकित्सकों के पास चक्कर लगाता है। लेकिन सीएमओ कार्यालय में तैनात कंट्रोल  रूम के नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा गोपाल सिंह ने इस कहावत को झुठला दिया है।  
  केजीएमसी मेडिकल कॉलेज से 1981 बैच के स्नातक डॉ गोपाल सिंह अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी हैं । अगले 2 महीनों में वह 62 वर्ष की अपनी आयु पूरी कर रहे हैं। लेकिन पूर्णा योद्धा के रूप में उनकी सेवाएं पूरे मेरठ जनपद के अंदर  महामारी के अंदर यदि सबसे ज्यादा प्रभावित किया है  एव सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है तो वह है कंट्रोल रूम। । विभिन्न प्रकार के जनमानस की शिकायतों को सुनना और धैर्य के साथ सुनना तथा उनका निराकरण करने के लिए दिन रात मेहनत करना।  ताकि जनमानस को कम से कम परेशानियां हो  ।यह काम डा गोपाल ने कर दिखाया है ।कई बार  जिलाधिकारी  ने कंट्रोल रूम को रात के समय जांचा। लेकिन हमेशा संयम के साथ कंट्रोल रूम ने हर परेशानी का सुना और उसका निराकरण करने के लिए पूर्ण प्रयास किया । वर्तमान में आप अपने परिवार गाजियाबाद के इन्द्रापुरम से दूर रहकर महीनों की अथक सेवा के साथ कार्य में लगे हुए हैं । उनकी अथक मेहनत में उनकी पत्नि की अहम भूमिका रही है। इस आयु के अंदर भी जबकि अधिकतर अधिकारी अपने सीनियर सिटीजन तथा डायबिटीज में उच्च रक्तचाप का रोना हो रहे हैं। आप निष्ठा के साथ तन्मयता के साथ अपने कार्य में लगे हुए हैं । इस महामारी को पराजित करने के लिए । चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग आपको दिल से प्रणाम करता है। आप स्वस्थ रहें आपका भविष्य सुखद हो ।
 डा विनोद ने बताया  लॉक डाउन के बाद से सीएमओ कार्यालय व डीएम कार्यालय में कं ट्रोल रूम खोला गया था। जिसमें   तीन शिफ्टों में  चिकित्सक अपनी डयूटी देर रहे है। जिसमें एनआईसी मेंडा राघव, डा सनी यादव तैनात है। सीएमओ कार्यालय में डा शिवराम डा मनीक्ष व डा डीके शर्मा कं ट्रेाल रूम में तैनात है। उन्होंने बताया अब तक कंट्रोल रूम में अभी तक ३८७९ कॉल कोरोना केदौरान जानकारी लेने केलियेआयी है।  जिसमें अधिकतर कॉल का निस्तारण किया गया है। काफी संख्या में ऐसी कॉल है जिस पर सम्पर्क करने पर या तो मोबाइल बंद मिल, या किसी ने कॉल को रिसीव नहीं किया।
 डा गोपाल ने बताया  उनका जुलाई में रिटायरमेंट है लेकिन वह पिछले तीन माह से अपने घर न जाकर कोरोना से जंग लड रहे है। उन्होंने बताया उन्हें काफी खुशी मिल रही है। रिटायरमेंट के अंतिम पढाव पर अधिकारियों ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्म्ेादारी दी । उन्होंने बताया ऐसे मौके जिदगी में कम ही आते है। जब ऐसे काम करने का मौका मिले।