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एरिया फोर्थ के पूर्ति निरीक्षक व उनके सहयोगी प्राइवेट ऑपरेटर एक बार फिर चर्चाओं में -
March 18, 2020 • Vikas Deep Tyagi • मेरठ

 यूरेशिया संवाददाता                                           
 मेरठ  बात आज की हो या तीन साल पहले की आपूर्ति विभाग में कार्यरत एरिया फोर्थ के पूर्ति निरीक्षक हमेशा चर्चाओं में रहे  है। तीन साल पहले एरिया फोर्थ के पूर्ति निरीक्षक धर्मेंदर जिसके  सहयोगी  प्राइवेट ऑपरेटर मयंक रहे। दोनों ने साथ मिलकर किसी राशन डीलर से रिश्वत मांगी और पकडे गए जिसके बाद दोनों पर सिविल लाइन थाने में मुकदमा हुआ और दोनों जेल गए। इसके बाद पूर्ति निरीक्षक शिखा पांडे रही जिनके सहायक कर्मचारी जाकिर कालोनी का युवक  शाहनवाज रहा। जिसे मशीनों के हेर फेर में आज भी  पुलिस तलाश कर रही है और अब बात की जाए इस वक्त की तो एरिया फोर्थ के पूर्ति निरीक्षक अजय  जिनके  सहयोग में  अंकित नामक युवक सहयोग कर रहा है।  ये युवक वही है  जो कल तक ऑफिस में आने वाले अधिकारियों को पानी पिलाता था। और आज किसी भी काम में एरिया फोर्थ के पूर्ति निरीक्षक का सहयोग कर रहा है।  इतना ही नहीं शास्त्री नगर की यशोदा देवी नामक सस्ते गल्ले की दूकान जोकि पिछले दो वर्ष से संजीव गुप्ता पर अटैच चल रही थी। जैसे ही सेक्टर दस स्थित सरफराज नामक व्यक्ति के नाम  हुई इन्होने हिन्दू राशन कार्डो में फर्जी मुस्लिम नाम के यूनिट जोड़ने शुरू कर दिए। यूरेशिया समाचार पत्र ने 11 फरवरी 2020 को आपूर्ति विभाग +राशन डीलर +प्राइवेट कर्मचारी मिलकर करवा रहे राशन की कालाबाजारी शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था।  जिसके बाद एक राशन कार्ड में से जिसमे पति का नाम गायब था और महिला के 11 बच्चे थे उसमे से मुस्लिम नाम काट दिया गया और पति का नाम जोड़ दिया गया। लेकिन आज भी कुछ राशन कार्डो में जिनमे महिला मुखिया हिन्दू है जबकि उनके राशन कार्डो में एक दो नाम मुस्लिम है आखिर इन राशन कार्डो में  मुस्लिम नाम जुड़  कैसे गए जबकि यूनिट जोड़ने और काटने का अधिकार तो सिर्फ पूर्ति निरीक्षक के पास होता है। आखिर ये फर्जी यूनिट जुड़े कैसे या ये  जाँच का विषय बनता है।