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गौतमबुद्ध नगर में चर्मरोग से ज्यादा लोग पीड़ित: मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में इलाज के लिए आये 2360 चर्मरोगी
February 26, 2020 • Vikas Deep Tyagi • मेरठ
  • दूसरे नम्बर पर दमा से पीड़ित 2139 मरीज आये
  • एंटीफंगल साबुन इस्तेमाल करें चर्मरोगी :  सीएमओ

 यूरेशिया संवाददाता

नोएडा, 25 फरवरी 2020। फरवरी माह में चार रविवार को लगे मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में सबसे अधिक मरीज चर्मरोग का इलाज कराने आये। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. अनुराग भार्गव का कहना है कि जनपद गौतमबुद्ध नगर में यह आम बीमारी है। इसकी सबसे बड़ी वजह संक्रमण है। चर्मरोग के सबसे ज्यादा मरीज सघन बस्तियों और ऐसी बस्तियों में हैं जहां ठीक से धूप नहीं आती है।

सीएमओ ने बताया फरवरी माह में चार रविवार को लगाए गये मुख्य मंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में सबसे अधिक मरीज चर्मरोग के आये। इसके बाद सांस (दमा) के रोगियों की संख्या रही। डा. भार्गव का कहना है कि लोगों के व्यवहार के कारण चर्मरोग (खुजली) खत्म ही नहीं हो पा रही है। इसका दवा ही केवल इलाज नहीं है। उन्होंने बताया यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति से फैलने वाली बीमारी है। सघन बस्तियों में रहने वाले लोग एक दूसरे के कपड़े बिना धोये पहन लेते हैं। पीड़ित व्यक्ति जब स्वस्थ्य व्यक्ति से हाथ मिलाता है तब भी यह बीमारी फैलती है। उन्होंने बताया ऐसे में फंगस के साथ-साथ इचमाइट जैसे बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। इससे लोगों को खुजली की समस्या बढ़ जाती है। त्वाचा को खुजलाने पर दाने निकल आते हैं, यदि बैक्टीरिया बाहरी त्वचा से शरीर के अंदर पहुंत जाते हैं तो इंफेक्शन ज्यादा भी हो सकता है।
डा. भार्गव का कहना है कि लोगों में जब तक जागरूकता नहीं बढ़ेगी तबतक इस बीमारी को रोक पाना मुश्किल है। उन्होंने बताया सभी खुजली के मरीजों चाहिए कि वह अपने कपड़े साबुन से धोने के बाद उसे कम से कम तीन दिन तक धूप में सुखाएं। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए एंटीफंगल साबुन के इस्तेमाल की सलाह दी है। साथ ही कहा कि जिस किसी को भी चर्मरोग है, उसके कपड़े परिवार के अन्य सदस्य इस्तेमाल न करें तो बेहतर है।  
सीएमओ ने सांस (दमा) के रोगियों की संख्या ज्यादा होने का कारण प्रदूषण बताया है। उन्होंने कहा प्रदूषण पर कंट्रोल करके ही इस बीमारी का समाधान हो सकता है। डा. भार्गव ने बताया फरवरी माह में चार रविवारों को 15 शहरी और 22 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर लगाए गये मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में 14321 लोग इलाज कराने आये। इनमें सबसे ज्यादा चर्मरोग के 2360, व दमा के 2139 मरीज आये।
मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले के नोडल जिला मलेरिया अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया अबतक लगे चार मेलों में 14321 लोग स्वास्थ्य जांच के लिए आये। इनमें 6498 पुरूष, 5553 महिलाएं, 2270 बच्चे हैं। अलग-अलग बीमारियों से ग्रसित 1044 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए रैफर किया गया। उन्होंने बताया चर्मरोग के 2360, दमा के 2139, मधुमेह के 729, लिवर की समस्या के 209 मरीज आये। 455 गर्भवती महिलाएं जांच कराने आयीं। इसके अलावा 89 लोग टीबी के संदिग्ध पाये गये, इन्हें तत्काल आगे की जांच के लिए भेज दिया गया है, यदि इनमें टीबी पुष्टि होगी तो इनका इलाज शुरू कर दिया जाएगा। मेले में जांच में 88 बच्चे कुपोषण के शिकार मिले, इनके अभिभावकों की कांउसलिंग की गयी।