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जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े की सफलता: पांच दिन में 15 महिलाओं ने करायी नसबंदी
July 17, 2020 • विकास दीप त्यागी • मेरठ
  •  घर-घर जाकर दम्पतियों को जागरूक कर रही स्वास्थ्य विभाग की टीम

यूरेशिया संवाददाता

 मेरठ।  जिले में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के तहत चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का असर दिखने लगा है। पिछले पांच दिनों में 15 महिलाओं ने नसबंदी करा कर परिवार नियोजन को बढ़ावा दिया है। कोरोना काल में अभियान की सफलता पर विभाग के अधिकारी काफी खुश हैं। वहीं विभाग की टीम के साथ आशा और एएनएम घर-घर जाकर दम्पतियों को इस बारे में विस्तार से जानकारी दे रही हैं और उन्हें परिवार नियोजन के जरूरी साधन भी उपलब्ध करा रही हैं।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व परिवार नियोजन की नोडल अधिकारी डा पूजा शर्मा ने बताया गत 11 जुलाई से शुरू हुए जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े में विभाग को काफी सफलता मिली है। केवल पांच दिन में 15 महिलाओं ने नसबंदी करायी है। उन्होंने बताया जिला महिला अस्पताल डफरीन में 13 जुलाई को तीन, 14 जुलाई को दो और 15 जुलाई को छह महिलाओं ने नसबंदी करायी। इसके अलावा चार महिलाओं की नसबंदी लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज में की गयी। उन्होंने बताया जनपद में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए ही नसबंदी की जा रही है। नसबंदी से पहले सभी की कोरोना की जाँच की जाती है।

  • परिवार नियोजन में आशा का महत्वपूण योगदान  

जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े में महिलाओं को नसबंदी कराने के लिए प्रोत्साहित करने में आशा  कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान है। कोराना काल में भी वह घर-घर जाकर दम्पतियों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक कर रही हैं। आशा कार्यकर्ता उन घरों में विशेष रूप से संपर्क करने की कोशिश कर रही हैं, जहां नव-विवाहित दंपति रह रहे हैं। आशा कार्यकर्ता इन लोगों को परिवार नियोजन की महत्ता बताते हुए उनकी पसंद के अनुसार गर्भ निरोधक साधन. जैसे माला.-एन, छाया, सी पिल्स एवं कंडोम उपलब्ध करा रही हैं। वह गर्भ निरोधक इंजेक्शन अंतरा, पीपीआईयूसीडी, पीएआईयूसीडी अपनाने और नसबंदी की भी सलाह दे रही हैं। उन्होंने बताया नव दम्पति में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता दिखाई दे रही है। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा बताये गये परिवार नियोजन की महत्त्व को वह समझ रहे हैं।
 

डा. पूजा ने बताया पांच दिन में यह काफी उत्साहजनक परिणाम है। 31 जुलाई तक यह आंकड़ा 100 तक पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने बताया आशा कार्यकर्ताओं को विशेष निर्देश हैं कि गृह भ्रमण के दौरान वह मास्क जरूर लगाएं, हाथों को बार-बार साबुन-पानी से धोएं, कम से कम दो गज की दूरी से बात करें, घर की कुण्डी या दरवाजा न छुएं और न ही खटखटाएं, आवाज देकर परिवार के सदस्यों को बुलाएं व बात करें।