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जनता हो रही परेशान  कौन सुनेगा इनकी पुकार
March 10, 2020 • Vikas Deep Tyagi • मेरठ

यूरेशिया संवाददाता

-मेरठ  राशन कार्ड में से यूनिट काटने और जोड़ने की जिम्मेदारी सिर्फ पूर्ति निरीक्षक की होती है। फिर उनकी गैर मौजूदगी में यूनिट काट कैसे दिए जाते है या जुड़ कैसे जाते है इसका जवाब किसी के पास नहीं है।  हिन्दू राशन कार्डो में मुस्लिम नामो का जुड़ जाना कोई इत्तफाक तो नहीं हो सकता एक हिन्दू महिला मुखिया का राशन कार्ड और उसमे 10 बेटी और एक बेटे का नाम हो गया जबकि उसके पति का नाम गायब था इस बात को यूरेशिया समाचार पत्र में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था जिसके बाद पूर्ति निरीक्षक ने आनन फानन में मुस्लिम नाम तो काट दिए पति का नाम भी जोड़ दिया लेकिन आज भी एक नाम अन्य उस राशन कार्ड में चल रहा है। और सिर्फ उसी कार्ड में नहीं बल्कि कई राशन कार्डो में महिला मुखिया हिन्दू है जबकि उसके साथ कुछ नाम फर्जी यहाँ तक की  मुस्लिम नाम जोड़ रखे है। आखिर पूर्ति निरीक्षक बिना देखे राशन कार्ड पर साइन करते है क्या और  दुकानों की जांच क्यों नहीं करते की गरीब जनता अपने हक़ के निवाले के लिए क्यों परेशां है।  हमारे संवाददाता राकेश शर्मा  ने जब कुछ दुकानों पर जाकर जानकारी की तो मामला कुछ अलग ही मिला  अगर बात की जाए एरिया सेकिंड की तो बुढ़ाना गेट स्थित पंकज सस्ते गल्ले की दूकान वाले की तो वहा की महिलाओ का आरोप है कि एजेंसी शास्त्री नगर का रहने वाला युवक सनी चला रहा है जो मनमर्जी से राशन वितरण करता है और अंगूठा लगवाकर पर्ची दे जाता है कभी 23 को तो कभी 27 को राशन वितरण करता है। उसके बाद जाकिर कालोनी स्थित रफीकन बेगम की दूकान पर जाकर महिलाओ से बात की गई तो पता चला ये दुकान भी ठेके पर चल रही है क्षेत्र की महिलाओ का कहना है कि राशन डीलर मनमर्जी से राशन का वितरण करता है.इतना ही नहीं दूकान चलाने वाला युवक आपूर्ति विभाग में किसी पूर्ति निरीक्षक का सहयोगी है इसलिए उस पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती।  उसके बाद जागर्ति विहार की एक दूकान पर जाने पर पता चला राशन डीलर राशन ही कम दे रहा है। लेकिन कई बार शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही। अब देखना है क्या जिलापूर्ति अधिकारी इस मामले को संज्ञान में लेकर इन राशन डीलरों पर कोई कार्यवाही करेंगे या इसी तरह गरीब जनता अपने  निवाले के लिए परेशांन होती रहेगी।