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केन्द्र सरकार अब आशा बहू और संगिनी के बीमा कराएगी
September 26, 2020 • URESHIYA News • सहारनपुर मण्डल
  • 18 वर्ष से  70 वर्ष तक की आशा बहु व संगिनी होंगी योजना से लांभन्वित

अरविन्द सिसौदिया/युरेशिया

नानौता (सहारनपुर), केन्द्र सरकार अब स्वास्थय विभाग में कार्यरत आशा बहु और आशा संगिनी के जीवन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इनका बीमा कराएगी। केन्द्र सरकार द्वारा बीमा राशि के लिए भेजे जाने वाला प्रीमियम को स्वास्थय विभाग आशाओं के खाते में सीधे जमा कराएगा। इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा 13.05 लाख रूपए का बजट जारी किया है। 
राष्ट्रीय स्वास्थय मिशन कार्यक्रम के तहत पूरे जिलेभर में 2600 आशा व संगिनी स्वास्थ विभाग की विभिन्न योजनाओं में कार्यरत है। 20 आशा के कलस्कर पर एक आशा संगिनी की तैनाती विभाग द्वारा की गई है। संगिनी आशा के कार्यो की गुणवत्ता बढाने में उनका सहयोग कर रही है। अब केन्द्र सरकार द्वारा इनके भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इनके लिए दो प्रकार की बीमा योजना चलाई है। जिसमें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ मिलेगा। केन्द्र सरकार बीमे के रूप में जमा होने वाली इस राशि को राष्ट्रीय स्वास्थय मिशन के बजट से अलग प्रदान करेगी। इस बीमे की विशेषता यह होगी कि यदि किसी कारण उनकी मृत्यु या विकलांग हो जाती है तो ऐसी स्थिती मंे आशाओं या उनके आश्रितों को दोनों तरह के बीमा का लाभ मिल सकेगा। इस योजना से 18 से 70 वर्ष आयु तक की आशा व संगिनी लाभंवित होगी। इस तरह से बीमा योजना का लाभ आशाओं को मिलने से बहुत उनके लिए राहत भरा होगा। 
18 वर्ष से 70 वर्ष की आशाओं को मिलेगा बीमा लाभ -
केन्द्र सरकार ने आशा बहु व आशा संगिनी का बीमा कराने के लिए प्रीमियम की धनराशि 13.05 लाख रूपए आवंटित कर दी है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 18 से 50 वर्ष तक आशा बहु और आशा संगिनी चुनी गई है। सरकार वार्षिक प्रीमियम के तौर पर उनके खातों में 330 रूपए जमा कराएगी। यदि किसी कारणवश उनकी मृत्यु हो जाती है तो उनके आश्रितों को 2 लाख की सहायता मिलेगी। जबकि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 18 वर्ष से 70 वर्ष की आशा व संगिनी के बैंक खातों में प्रतिवर्ष 12 रूपए प्रीमियम जमा होगा। इसमें किसी दुर्घटना के दौरान मृत्यु होने या पूरी तरह से विकलांग होने पर दो लाख रूपए मिलेंगे। यदि वह हादसे में आंश्कि रूप से विकलांग होती है तो उन्हें एक लाख रूपए बीमा मिल पाएगा। 
बैंक मंे लिखित जानकारी देनी होगी -
राष्ट्रीय स्वास्थय मिशन की योजनओं की धनराशि देने के लिए पहले से ही उनके बैंक खाते संचालित है। हर आशा व संगिनी को बैंक जाकर एक फार्म लेकर यहीं जमा करना होगा। प्रतिवर्ष मंे यह कार्य करना होगा। बैंक द्वारा इन्हें बीमा पंजीकरण संख्या मिलेगी। इसके साथ सभी दस्तावेज अपनी सीएचसी या पीएचसी में भी जमा कराने होंगे। इसके बाद बीमे की प्रीमियम राशि को आशाओं के खाते में भेजा जाएगा। इस कार्य में बीसीपीएम या डीसीपीएम उनका सहयोग करेंगे।