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कोरोना संक्रमित गर्भवतियों की डिलीवरी करने वाला एलएलआरएम प्रदेश में दूसरे स्थान पर
May 26, 2020 • Vikas Deep Tyagi • मेरठ
  • अब तक सात पॉजिटिव महिलाओं की डिलीवरी करा चुका मेडिकल कालेज

यूरेशिया संवाददाता

मेरठ । कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं के प्रसव कराने के मामले में जनपद का लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज प्रदेश में दूसरे नम्बर पर है। यहां पर कोरोना से संक्रमित सात महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी करायी जा चुकी है। दूसरे अस्पताल में डिलीवरी के बाद यहां आयी दो माताओं के बच्चे कोरोना से संक्रमित थे। इलाज के बाद इन बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया।
 मेडिकल कालेज अस्पताल के गायनिक विभाग की प्रभारी डा. रचना चौधरी ने बताया अस्पताल के कोविड-19 वार्ड में भर्ती जिन दो महिलाओं के बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी, वह निजी अस्पतालों में पैदा हुए थे। बाद में महिलाओं को यहां लाया गया था। इनकी रिपोर्ट शुरुआत में पॉजिटिव आयी थी, लेकिन दूसरी व तीसरी बार की रिपोर्ट निगेटिव आयी। दोनों बच्चों को उनके  परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। यहां सात पॉजिटिव महिलाओ की डिलीवरी करायी जा चुकी है, उनके नवजातों की रिपोर्ट निगेटिव आयी।

  • सम्पर्क में आने से होता है संक्रमण

 डा. रचना चौधरी ने बताया अभी तक शोध में यह तथ्य सामने आया है कि माँ से शिशु को कोरोना का संक्रमण होने का खतरा रहता है। इसके लिये बहुत अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है। उन्होंने बताया दो प्रसूताओं का प्रसव इस कोविड अस्पताल में नहीं हुआ था और उनके नवजात कोरोना से संकमित पाये गये थे। इन बच्चों को मॉ के सम्पर्क में आने के कारण कोरोना संक्रमण हुआ।

  • मॉ का दूध बहुत जरूरी

मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग के अध्यक्ष एवं बाल रोग विशेषज्ञ डाण् विजय जायसवाल ने बताया जन्म के 24 घंटे के भीतर शिशुओं का पहला सैंपल भेजा गया था। 14 दिनों के बाद फिर कोरोना का सैंपल भेजा गया। दोनों रिपोर्ट निगेटिव आयी। उन्होंने बताया कोरोना में भी माँ का दूध बहुत जरूरी है। शिशु का टीकाकरण भी बहुत जरूरी है।

  • इन बातों को भी जानें

कोविड-19 बीमारी विषाणु से फैलती है। यह विषाणु फेफड़ों को संक्रमित करता है, जो संकमित व्यक्ति के छीकने या खांसने से फैलता है। अभी तक इसके बचाव के लिये कोई वैक्सीन नहीं बन पायी है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखें,  योग व प्राणायाम करें। हाथों को बार-बार साबुन-पानी से धोएं, नियमित मास्क पहनें।