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कोरोना वायरस से लड़ना है तो इम्युनिटी बढ़ाएं, इंफ्लामेशन को न करें नजऱअंदाज़ :सीएमओ
June 18, 2020 • विकास दीप त्यागी • मेरठ
  • इम्युनिटी बढ़ाने के लिये घर पर ही करें कसरत तो बेहतर होगा शरीर

यूरेशिया संवाददाता

 मेरठ, 18 जून 2020। कोरोना वायरस संक्रमण के बीच ज़्यादातर लोग इससे बचने के लिए सामाजिक दूरी, मास्क,  हाथों को साफ रखना, यहां तक कि खुद के आइसोलेशन का पालन कर तो रहे हैं, लेकिन बहुत कम लोग ऐसे हैं जो रोगप्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को बढ़ाने और टिशू में जलन-सूजन (इंफ्लामेशन) को दूर रखने पर ध्यान दे रहे हैं। इस संक्रमण का असर उन्हीं लोगों पर ज्यादा हो रहा है  जिनकी रोगप्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर है और अगर इंफ्लामेशन की समस्या है तो यह लोगों की मुश्किल को और बढ़ा सकती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राजकुमार का कहना है कि शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता उम्र के साथ कमज़ोर पडऩे लगती है। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता किसी भी वायरस या संक्रमण से उस तरह नहीं लड़ पाती जैसे मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले की। उन्होंने कहा कि लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए खानपान और जीवन शैली पर ध्यान देना होगा।

 उन्होंने कहा कि कोविड 19 संक्रमण के शिकार बुजुर्ग लोग या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हैं, ज्यादा हो रहे हैं। यह सच है कि 80 की उम्र के किसी इंसान को कोरोना वायरस का संक्रमण होता है, तो उसपर इस बीमारी का खतरा 184 गुणा बढ़ जाता है। कोरोना वायरस का जोखिम 55 साल से अघिक उम्र वालों के लिए भी ज्यादा है। शरीर की उम्र के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर पडऩे लगती है। 
टिशू में जलन-सूजन पर ध्यान देना भी ज़रूरी
सीएमओ ने कहा कि उम्र के साथ पूरे शरीर में टिशू में जलन-सूजन  बढ़ती जाती है। कोरोना वायरस नाक, मुंह के माध्यम से फेफड़ों में चला जाता है, वह अणुओं को बांधकर हमारे टिशू को नुकसान करता है। फैट टिशू,  टिशू में जलन-सूजन को बढ़ाते हैं और यही वजह है कि मोटे लोगों को कोविड-19 से संक्रमित होने का ज़्यादा ख़तरा है।
टिशू में जलन-सूजन  कम करने के लिए क्या करें
इसके लिए रोज़ाना वर्कआउट (कसरत) करना ज़रूरी है। जितना वर्कआउट किया जाएगा, उतनी ही टिशू में जलन-सूजन  कम होगी। जो लोग दिन में तीन  हज़ार से कम कदम चलते हैं, उनके शरीर में टिशू में जलन-सूजन  ज़्यादा होती है। कोविड संक्रमण के चलते लोग घर बैठने पर ज़रूर मजबूर हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वर्कआउट नहीं कर सकते। कार्डियो वर्कआउट घर पर भी आसानी से किया जा सकता है। इसके अलावा सीडियों पर तेज़ी से चढ़ें और उतरें। ऐसा कई बार करने से भी काफी कैलोरी बर्न कर सकते हैं।
रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाएं
इसे बढ़ाने के लिए पौष्टिक भोलजन करना ज़रूरी है जो विटामिन, कैल्शियम, आयरन इत्यादि तत्वों से भरपूर हो। इसके अलावा कमज़ोरी को दूर करने में एक्सराइज़ करना लाभदायक साबित होता है। स्वास्थ्य संबंधी कुछ समस्याएं भरपूर नींद न लेना का नतीजा भी होती हैं। इनमें कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी शामिल है, जो अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। इसीलिए एक व्यक्ति को छह से आठ घंटे सोना बेहद ज़रूरी है।

  •  ''कोरोना से लडने के लिये रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखना बेहद जरूरी है। ऐसे में पौष्टिक आहार के साथ घर में रहते हुए कसरत करने से यह क्षमता बनी रहती है। मैं लोगों से रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाने रखने और बढ़ाने की निरंतर अपील कर रहा हूं।”
               डा. राजकुमार,  मुख्य चिकित्सा अधिकारी मेरठ