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महिला की गला दबाकर हत्या, ग्रामीणों का हंगामा
March 13, 2020 • Vikas Deep Tyagi • मेरठ
  •  रात आठ बजे गन्ने के खेत में मिला शव, चारा लेने जंगल गई थी महिला

यूरेशिया संवाददाता

मेरठ। छुछाई गांव में पशुओं के लिए चारा लेने गई महिला की गला दबाकर हत्या कर दी गई। महिला के दुपट्टे को गले में डाक्टर हत्या को अंजाम दिया है। खेत से शाम तक महिला घर नहीं लौटी। तब ग्रामीणों ने कांबिंग की। उसके बाद गन्ने के खेत में महिला का शव देखकर ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने हंगामा कर दिया। सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। ग्रामीणों ने पर्दाफाश की मांग करते हुए कुछ समय तक शव नहीं उठने दिया। सीओ ने जल्द पर्दाफाश का भरोसा दिलाकर शव को उठवाया।
बुधवार शाम किठौर थानाक्षेत्र के गांव छुछाई निवासी महावीर पाल की पत्नी लीलावती 55 जंगल में पशुओं के लिए चारा लेने को गई थी। लीलावती घर से शाम तीन बजे निकली थी। छह बजे तक घर नहीं लौटी। उसके बाद महावीर ने आसपास के लोगों से पूछताछ की। तब ग्रामीण एकत्र हुए। सभी ने एकजुट होकर महिला की तलाश शुरू कर दी। करीब दो घंटे की कांबिंग के बाद रात आठ बजे ललियाना-छुछाई संपर्क मार्ग पर एक गन्ने के खेत में महिला का शव मिला। महिला की गला दबाकर हत्या की गई। उसके दुपट्टे से ही हत्यारोपितों ने गला दबाया है। महिला की खेत में हत्या के बाद ग्रामीणों में आक्रोश पनप गया। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजने का प्रयास किया। लेकिन, ग्रामींणों ने विरोध करते हुए शव नहीं उठने दिया। ग्रामीणों का कहना था कि पूरे मामले की पुलिस जांच करें, उसके लिए ग्रामीण डॉग स्क्वाड की टीम मौके मंगाने की मांग कर रहे थे। हंगामा बढ़ता देख इंस्पेक्टर रोजन्त त्यागी ने आलाधिकारियों को घटना से अवगत कराया। सीओ और एसएसपी रामानंद कुशवाहा घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। गले में महिला के दुपट्टे का फंदा पड़ा देख ग्रामीण तरह तरह की चर्चाएं कर रहे थे। इंस्पेक्टर ने भरोसा दिलाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हत्या का कारण पता चलेगा।
ग्रामींणों ने बताया कि महावीर के दो बेटे और दो बेटियां हैं। जिनमें एक बेटे व दो बेटियों की शादी हो चुकी है। जबकि एक बेटा अविवाहित है। लेकिन, बेटियां ससुराल में और बेटे प्राइवेट नौकरियों में होने की वजह से महावीर अकेले ही घर पर रहकर मजदूरी व पशुपालन करते थे।

महिला की मौत के बाद जुटी भीड़।