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नई गाइडलान के अनुसार: अब हर कोरोना संक्रमितों की होगी टीबी जांच 
September 10, 2020 • विकास दीप त्यागी • सहारनपुर मण्डल
  • सर्दी-खांसी के लक्षणों के साथ बढ रहा कोरोना के मरीजों के फेंफडो पर पड रहा असर

अरविन्द सिसौदिया/युरेशिया संवाददाता

नानौता (सहारनपुर), केन्द्रीय स्वास्थय एंव परिवार कल्याण मंत्रालय की नई गाइडलाइन के अनुसार अब हर टीबी रोग से पीडित मरीज तथा कोरोना पॉजीटिव मरीज का टीबी संक्रमण का कोरोना टेस्ट अनिवार्य होगा। इसके लिए देशभर के अस्पतालांे को डायमेंशनल टीबी-कोविड स्क्रीनिंग की गाइडलाइन जारी की है। 
सर्दी-खांसी के लक्षणों के साथ बढ रहे कोरोना के मरीजों और संक्रमितों के फेफडों पर पड रहे असर को देखते हुए केन्द्रीय स्वास्थय एंव परिवार मंत्रालय ने यह नई गाइडलाइन जारी की है। सभी देश के अस्पतालों को बाय-डायमेंशनल टीबी-कोविड स्क्रीनिंग की गाइडलाइन जारी की है। इसमें सभी आईएलआई (इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस) और एसएआरआई (सीवियर एक्यूट रेस्पायरेटरी इन्फेक्शन) मरीज की भी टीबी स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए है। स्वास्थय मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन में स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि टीबी और कोविड-19 दोनों ही ऐसे संक्रामक रोग है जो सबसे पहले फेफडों पर हमला करते है, तो वहीं दोनों बीमारियां के लक्षण एक जैसे ही है। जिसमें खांसी, बुखार और सांस लेने में परेशानी होना है। 
टीबी के संक्रमण के बाद बीमारी काफी धीमी गति से विकसित होती है। स्वास्थय मंत्रालय और तमाम विशेषज्ञों द्वारा किए गए शोध में पाया गया है कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति में टीबी का प्रसार 0.37 से 4.47 फीसदी पाया जा रहा है। उधर स्वास्थय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई है। इसके लिए आंकडे जुटाएं जा रहे है।

क्या कहते है जिला क्षयरोग अधिकारी -

जिला क्षय रोग अधिकारी डा. राजेश जैन ने बताया कि जो मरीज कोविड-19 निगेटिव है उनमें अगर अभी भी खांसी और बुखार के लक्षण है साथ ही टीबी के लक्षण प्रतीत हो रहे है तो ऐसे मरीजों की टीबी की जांच की जाएगी। इसके अलावा हर कोरोना पॉजीटिव पाएं जाने वाले की भी टीबी जांच अवश्य होगी। टीबी मरीजों में दो हफ्ते से अधिक तक खांसी और बुखार रहने के साथ तेजी से शरीर का वजन घटता है।