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नया कानून बनने के बाद: केवल बीआईएस प्रमाणित हेलमेट ही वाहन चालकों को पहनने होंगे
September 11, 2020 • विकास दीप त्यागी • सहारनपुर मण्डल
  • सडक परिवहन एंव राजमार्ग मंत्रालय ने नए कानून बनाने पर लोगों से मांगे सुझाव

अरविन्द सिसौदिया/युरेशिया संवाददाता

नानौता (सहारनपुर),आने वाले समय में सडक परिवहन एंव राजमार्ग मंत्रालय सडक सुरक्षा को लेकर एक नया कानून बनाने जा रही है। इस कानून के तहत जल्द ही लोकल कंपनी के हेलमेट पहनकर वाहन चालकों पर 1000 रूपए तक का जुर्माना वसूला जाएगा। तो वहीं आईएसआई मार्का की जगह पर बीआईएस प्रमाणित हेलमेट ही बनाने होंगे। इस नए कानून के संबध में मंत्रालय द्वारा देश के लोगों से सुझाव मांगे गए है। 
अभी तक बाइक सवारों के लिए आईएसआई मार्का हेलमेट ही सुरक्षा के लिहाज से टॉप श्रेणी में आते थे। लेकिन अब सडक परिवहन एंव राजमार्ग मंत्रालय द्वारा बनानें जा रहे नए कानून के तहत दोपहियां वाहन चालकों को पहली बार अब केवल बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरों ) से प्रमाणित व सुरक्षित हेलमेट ही लगा सकेंगे। अक्टुबर महीने के पहले सप्ताह तक यह नया कानून लागू होने की संभावना है जिसके तहत बीआईएस हेलमेट का वजन पहले बने आईएसआई मार्का से भी कम रखा जाएगा। इस कानून के तहत केवल दोपहिया चालक को जुर्माना भरने के साथ-साथ बेचने वालों के खिलाफ कडी कारवाई तथा लोकल हेलमेट बनाने वाली कंपनी पर भी 2 लाख रूपए या इससे अधिक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। मंत्रालय के अनुसार बीआईएस हेलमेट होने पर उपभोग करने वाले वाहन चालक को हेलमेट का ब्रांड, मैन्यूफैक्चरिंग डेट, बैच व इसमें प्रयोग होने वाले सामान की पूरी जानकारी मिल पाएगी। हेलमेट बनाने वाली प्रत्येक कंपनी को हेलमेंट तैयार करने के लिए बीआईएस से प्रमाणित कराना जरूरी होगा। मंत्रालय द्वारा राज्य सरकार के प्रवर्तन विभाग को अधिकार भी दिया है कि वह लोकल हेलमेट की बिक्री व उत्पादन पर रोक लगाने के लिए जांच कर कारवाई कर सकती है। इसका उद्देश्य लोकल हेलमेट के बनने पर रोक लगाना होगा। मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि बिना बीआईएस हेलमेट उत्पादन, निर्यात व स्टॉक के साथ बिक्री को अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा।