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फेक सर्टिफिकेट पर मेरठ का नर्सिंग होम सील
July 7, 2020 • विकास दीप त्यागी • मेरठ
  • '2500 रुपये दो और हो जाओ कोरोना निगेटिव', फेक सर्टिफिकेट पर नर्सिंग होम सील

यूरेशिया संवाददाता

मेरठ में कोरोना टेस्ट में धांधलीपैसे देकर नेगेटिव रिपोर्ट देने का दावा प्रशासन ने अस्पताल को किया सील
कोरोना वायरस का संकट देश के लगभग हर हिस्से में फैल चुका है. इस मुसीबत के वक्त में भी धोखेबाजों की कोई कमी नहीं है. उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर से ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सिर्फ 2500 रुपये की कीमत पर एक अस्पताल नेगेटिव कोविड-19 रिपोर्ट देने के लिए तैयार है.

दरअसल, बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. ये मेरठ के एक नर्सिंग होम का है, जिसमें सिर्फ 2500 रुपये देकर कोई भी व्यक्ति नेगेटिव कोरोना टेस्ट रिपोर्ट ले सकता है. वीडियो के वायरल होने के बाद प्राइवेट अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है.

मेरठ के चीफ मेडिकल ऑफिसर के द्वारा अब अस्पताल के खिलाफ जांच की जा रही है, जबकि एक केस भी दर्ज कर दिया गया है. मेरठ के सीएमओ के मुताबिक, अस्पताल के द्वारा नेगेटिव रिपोर्ट दी जा रही थी. इसकी मदद से लोग आसानी से किसी दूसरी बीमारी का इलाज या ऑपरेशन करवा सकते थे.

वायरल वीडियो में कुछ लोगों का ग्रुप अस्पताल के स्टाफ से नेगेटिव कोविड रिपोर्ट देने की मांग करता है. इसमें कुछ लोग अस्पताल के कर्मचारी को दो हजार रुपये दे रहे हैं और बाकी 500 रुपये रिपोर्ट मिलने पर देने की बात कह रहे हैं.

इस मामले के बारे में मेरठ के डीएम अनिल ढींगरा ने समाचार एजेंसी ANI से बात की. अनिल ढींगरा ने बताया कि मेरठ का एक वीडियो वायरल हुआ है, उस मामले में केस दर्ज किया गया है. साथ ही नर्सिंग होम का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है. डीएम ने कहा कि नर्सिंग होम सील किया जा चुका है, अगर इस तरह की हरकत कहीं और की गई तो सख्त एक्शन लिया जाएगा.

ऐसे खुली काली करतूत 

यह मामला थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र में तिरंगा गेट के पास स्थित न्यू मेरठ नर्सिंग होम का है। वायरल वीडियो के अनुसार नसिंग होम में एक व्यक्ति कोरोना रिपोर्ट को लेकर नर्सिंग होम के डॉक्टर से बात कर रहा है। जिसमें बताया जा रहा है ​कि रिपोर्ट बन जाएगी और एक सप्ताह तक मान्य होगी। वीडियो में यह भी बताया जा रहा है कि रिपोर्ट पर जिला अस्पताल की मुहर लगी होगी। 2 मिनट 33 सेकेंड के इस वीडियो में एक व्यक्ति जिसे डॉक्टर कहकर संबोधित किया जा रहा, वह बता रहा है ​कि जिला अस्पताल की पक्की रिपोर्ट आएगी, जो एक सप्ताह तक मान्य होगी, उसे लेकर कहीं भी जाया जा सकता है। टेस्ट काराओगे तो पॉजिटिव रिपोर्ट आ सकती है। रिपोर्ट पॉजिटिव आयी तो 14 दिन इलाज के लिए क्वारैंटाइन होना पड़ेगा। लेकिन 2500 रूपए देकर रिपोर्ट निगेटिव ही आएगी।

सरकारी अस्पताल की मुहर कैसे लगती थी, हो रही जांच

आरोप है कि नर्सिंग होम अवैध रूप से कोरोना रिपोर्ट दे रहा है। वायरल वीडियो के संज्ञान में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार देर रात शिकंजा कसा है। थाना लिसाड़ी गेट में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आरोपी नर्सिंग होम संचालक शाह आलम के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने कहा कि, पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई कराई जा रही है। इस गिरोह में कौन कौन शामिल है? इसकी भी जांच करायी जा रही है। रिपोर्ट कहां से तैयार कराकर दी जा रही है, सरकारी अस्पताल की मुहर कैसे रिपोर्ट पर लगायी जा रही है, यह सब जांच से सामने आएगा। दूसरी ओर जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने न्यू मेरठ हॉस्पिटल को तत्काल सील करने के आदेश दिए हैं।