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सरकार ने शामली समेत सभी जिलों में प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और प्राइवेट क्लीनिक की ओपीडी को आरंभ करने का फैसला किया
June 23, 2020 • विकास दीप त्यागी • उत्तर प्रदेश

यूरेशिया संवाददाता

शामली । प्रदेश सरकार ने शामली समेत सभी जिलों में प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और प्राइवेट क्लीनिक की ओपीडी को आरंभ करने का फैसला किया है। इस संबंध में प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग को दिशा निर्देश दिये हैं। कोविड-19 संक्रमण से बचाव की शर्तों के साथ ओपीडी में मरीज देखें जाएंगे। मरीज के साथ 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं व बच्चों को आने की अनुमति नहीं होगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय भटनागर ने बताया प्रमुख सचिव के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ओपीडी शुरू कर दी गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में अभी ओपीडी सेवा शुरू नहीं हो पाई है, क्यों ज्यादातर स्टाफ कोविड19 की ड्यूटी में लगा है।
  सीएमओ ने बताया प्राइवेट क्लीनिक को दिये गये निर्देश में कहा गया है कि एक या  दो चिकित्सक युक्त प्राइवेट ओपीडी सेवा आरंभ की जाएगी। रोगियों को पहले समय देकर ओपीडी का संचालन किया जाएगा,ताकि वहां पर भीड़ न लगे । ओपीडी में शारीरिक दूरी का पालन व बार-बार हाथ धोने का पालन करना होगा। ओपीडी में बैठने वाले चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ,कोविड-19 के प्रोटोकॉल से भलीभांति परिचित होने चाहिए। प्राइवेट अस्पताल में मरीज की अलग से स्क्रीनिंग करने के लिये व्यवस्था करनी होगी। निर्देश में यह भी कहा गया है कि प्राइवेट अस्पताल में मास्क, ग्लब्स  व पीपीई किट पर्याप्त मात्रा में होनी चाहिए। क्लीनिक व अस्पताल के बाहर सोडियम हाइपो क्लोराइड के घोल का छिड़काव किया जाना अनिवार्य होगा। जबकि स्वास्थ्य केन्द्रों के लिये दिये गये निर्देशों में कहा गया है कि स्वास्थ्य केन्दों पर आने वाले व्यक्ति की इंफ्रारेड थर्मामीटर से स्क्रीनिंग की जाएगी। एक रोगी के साथ एक तीमारदार ही प्रवेश कर पाएगा। स्वास्थ्य केन्द्र पर आये  मरीज व तीमारदार के चेहरे पर मास्क अनिवार्य रूप से होना चाहिए। जुकाम, खांसी, बुखार,और सांस लेने में तकलीफ वाले रोगियों को अलग कक्ष में देखा जाए। चिकित्सा परिसर में दिशा चिह्न बनाए जाएं ताकि कोविड-19 लक्षण वाले व्यक्ति अलग कक्ष पर पहुंच सकें। पंजीकरण करने वाले व्यक्ति को अनिवार्य रूप से चेहरे पर मास्क लगाना होगा। अधिक मरीज वाले स्वास्थ्य केन्द्र पर पंजीकरण काउन्टर बढ़ाए जाएं । शारीरिक दूरी का पालन हर हाल में किया जाए। स्वास्थ्य केन्द्र पर आने वाले शुगर, ब्लड प्रेशर के मरीजों को एक माह की दवा उपलब्ध करायी जाए, जिससे ऐसे मरीजों को बार-बार न आना पड़े। ओपीडी के बाहर प्रतीक्षारत क्षेत्र में भी शारीरिक दूरी का पालन किया जाए।