ALL मेरठ सहारनपुर मण्डल मुजफ्फरनगर बागपत/ बड़ौत उत्तर प्रदेश मुरादाबाद मंडल राष्ट्रीय राजनीतिक विविध करियर
यूपी पंचायत चुनाव 2020: 8वीं पास से कम और दो से ज्यादा बच्चे हैं तो नहीं लड़ पाएंगे चुनाव!
August 31, 2020 • विकास दीप त्यागी • उत्तर प्रदेश
  •  यूपी की योगी सरकार आगामी पंचायत चुनावों में उम्मीदवारों की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता तय करने जा रही है। इसके तहत 8वीं पास वाले उम्मीदवार ही चुनाव लड़ सकते हैं। इसके अलावा दो से ज्यादा बच्चों वाले दावेदारों को भी झटका लग सकता है। 

यूरेशिया संवाददाता

लखनऊ यूपी की योगी सरकार पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है। आगामी पंचायत चुनावों में उम्मीदवारों की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता तय करने की तैयारी है। यूपी सरकार ग्राम पंचायत चुनाव में महिला और आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम 8वीं पास शैक्षिक योग्यता तय कर सकती है। इसके अलावा दो से ज्यादा बच्चों वाले दावेदारों को भी पंचायत चुनाव में झटका लग सकता है। सूत्रों की माने तो यूपी सरकार दो से अधिक बच्चे वाले महिला-पुरुष उम्मीदवार के चुनाव लड़ने पर रोक लगा सकती है। यूपी में ग्राम प्रधान समेत सभी पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल 25 दिसंबर को पूरा हो रहा है। वहीं कोरोना महामारी के चलते प्रदेश में चुनाव कराने की संभावना नहीं के बराबर है। सूत्रों की माने तो यूपी की योगी सरकार पंचायत चुनाव को अगले साल जून में कराने की तैयारी कर रही है। इस दौरान प्रदेश में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनावों को लेकर यूपी सरकार उम्मीदवारी को लेकर बड़े बदलाव कर सकती है। सुभाष मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश सरकार पंचायती राज अधिनियम में एक संशोधन भी ला सकती है। इसके तहत दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों को पंचायत चुनाव में अयोग्य घोषित किया जा सकता है। यूपी पंचायत चुनाव 2020: यूपी में टल सकता है प्रधान का इलेक्शन, जल्द फैसला लेगी योगी सरकार राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड में पहले से लागू है यह मॉडल जानकारी के मुताबिक, सरकार पंचायत चुनावों के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता भी तय कर सकती है। ग्राम पंचायत चुनाव में महिला और आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम 8वीं पास शैक्षिक योग्यता हो सकती है। हालांकि सरकार को इस प्रस्ताव के चलते कड़ी आपत्तियों का सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष ने इसे मनमाना और अन्यायपूर्ण बताया है। बता दें कि राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड जैसे राज्य पहले ही इस मॉडल को सफलतापूर्वक लागू कर चुके हैं। निचले तबके के उम्मीदवारों की बड़ी संख्या को लगेगा झटका उधर, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यूपी सरकार के इस प्रस्ताव से चुनाव लड़ने के लिए विशेषकर समाज के निचले तबके के उम्मीदवारों की एक बड़ी संख्या को रोका जा सकता है। क्योंकि निचले तबके में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कोई जागरूकता नहीं है। योगी सरकार में अपराधियों पर सख्त ऐक्शन, 330 करोड़ की संपत्ति जब्त.. देखें यूपी की टॉप-5 खबरें दो से ज्यादा बच्चे वाले लोग ना लड़ पाएं पंचायत चुनाव: संजीव बालियान बीजेपी के सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान ने बीते दिनों उत्तर प्रदेश की सरकार से अपील की थी कि पंचायत चुनाव में उन लोगों को ना लड़ने दिया जाए, जिनके दो से ज्यादा बच्चे हैं। इसके लिए उन्होंने उत्तराखंड के नियमों का भी जिक्र किया था। संजीव बालियान ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को एक चिट्ठी भी लिखी थी। चिट्ठी में उन्होंने लिखा था कि हमारे प्रदेश को जनसंख्या नियंत्रण का अभियान शुरू करना चाहिए। आगामी पंचायत चुनाव में आगामी उत्तराखंड राज्य की तरह ही दो से अधिक बच्चे होने की स्थिति में किसी को भी चुनाव लड़ने का अधिकार ना मिले।